Thursday, 11 December 2014

हिंदी फिल्मों के महान अभिनेता और ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार का आज जन्मदिन है उन्हें जन्मदिन की ढेर साड़ी शुभकामनाये  दिलीप कुमार का जन्म 11 दिसंबर, 1922 को वर्तमान पाकिस्तान के पेशावर शहर में हुआ था दिलीप कुमार के बचपन का नाम मोहम्मद युसूफ खान था। नजरो में उदासी और चेहरे पे चमक लिए पेशावर के पठान युसुफ खान ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुवात की । विभाजन के दौरान उनका परिवार मुंबई आकर बस गया। कहते हैं पिता के व्यापार में घाटा होने के कारण वह पुणे की एक कैंटीन में काम करने लगे थे। यहीं देविका रानी की पहली नजर उन पर पड़ी और उन्होंने दिलीप कुमार को अभिनेता बना दिया। उन्होंने ही यूसुफ खान की जगह नया नाम दिलीप कुमार रखा। उनका फिल्मी करियर 1944 में ज्वार भाटाफिल्म से शुरू हुआ। लेकिन 1949 में बनी महबूब खान की फिल्म अंदाजसे वह चर्चा में आए। इसी फिल्म में उस दौर के दो प्रमुख अदाकारों  दलीप कुमार और राजकपूर ने मिलकर काम किया ।  दलीप कुमार की  पहली हिट फिल्म जुगनूथी।  दलीप कुमार  अपने  को धर्म की तरह मानते थे  इस बात का पता यही से चलता है जब दलीप को ‘मधुवन में राधिका नाचे” फिल्म में एक सितार वादक का किरदार निभाने को कहा गया तो उन्होंने इस फिल्म के उस गीत की शूटिंग को एक महीने के लिए टाल  दिया सिर्फ इसलिए क्योंकि उस वक़्त उन्हें सितार बजाना नहीं आता था उन्होंने एक महीने में सितार सिखा और फिर उस फिल्म में काम किया । 1948 में आई फिल्म मेला  और उसके बाद  दीदार(1951), देवदास(1955), के  गम्भीर अभिनय से दलीप कुमार को खिताब मिला ट्रेजेडी किंग का  1957 में फिल्म नया दौर से दलीप कुमार ने अपने फ़िल्मी सफ़र का एक नया दौर लिखा  मुगल-ए-आजम (1960) में उन्होंने मुगल राजकुमार जहांगीर की भूमिका निभाई। उनकी कुछ प्रमुख फिल्मों में क्रांति(1981), विधाता(1982),  कर्मा(1986), इज्जतदार(1990) और सौदागर(1991) शामिल हैं। 1998 में बनी फिल्म किलाउनकी अब तक की आखिरी फिल्म है।
दिलीप कुमार ने मात्र 54 फिल्मों में ही काम किया। एक समय ऐसा था जब बॉलीवुड में देवानंद, राजकपूर और दिलीप कुमार की त्रिमूर्ति को सफलता की गारंटी माना जाता था। बॉलीवुड में अपनी फिल्मों से भी ज्यादा दिलीप कुमार ऑफ स्क्रीन लव अफेयर के लिए भी चर्चा में रहते थे। उनका नाम मधुबाला, वैजयंती माला के साथ भी जुड़ा।
दिलीप कुमार ने 1966 में ब्यूटी क्वीन सायरा बानो से शादी की थी । सायरा कहती हैं की उन्होंने अपनी  12 साल की उम्र में उन्होंने ठान लिया की वह शादी करेगी तो सिर्फ दलीप कुमार से ही और उनका सपना सच हुआ जब 44 साल की उम्र में दलीप कुमार ने 22 साल की सायरा बानो को अपना हमसफर बना लिया साल  1966 में ।तो  ने जीवनकाल में दिलीप कुमार कुल आठ बार फिल्म फेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार पा चुके हैं।